मुफ़्त बिजली योजना · सब्सिडी और सोलर लोन
बिहार में पीएम सूर्य घर योजना: ₹98,000 तक सब्सिडी।
पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की योजना है, जो घरों को रूफटॉप सोलर लगाने में मदद करती है — हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली के लक्ष्य के साथ। बिहार सरकार इसके ऊपर अपनी सहायता भी देती है। रजिस्टर्ड वेंडर होने के नाते, सारा काग़ज़ी काम हम आपके साथ करते हैं।
बिहार में सिस्टम साइज़ के हिसाब से सब्सिडी
| सिस्टम | केंद्र | बिहार* | कुल |
|---|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹10,000 | ₹40,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹20,000 | ₹80,000 |
| 3 kW और उससे ज़्यादा | ₹78,000 | ₹20,000 | ₹98,000 |
केंद्र की सहायता पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW के लिए ₹18,000 है, अधिकतम ₹78,000। बिहार ₹10,000 प्रति kW देता है, अधिकतम ₹20,000।
अपने बिल के हिसाब से सब्सिडी जानेंसोलर लोन
कम ब्याज दर पर आसान लोन मंज़ूरी
- ब्याज
- 5.6%–6%
- चुकाने की अवधि
- ~10 साल
- पीएम सूर्य घर योजना के तहत बैंकों से लोन
- काग़ज़ात से लेकर मंज़ूरी तक, आवेदन में हमारी मदद
- आसान काग़ज़ात: आधार, पैन, बिजली बिल, बैंक विवरण
- बिजली बिल की हर महीने की बचत से EMI भरने में मदद
सब्सिडी किसे मिल सकती है
- घरेलू परिवार (घर, दुकान या व्यवसाय नहीं)
- पक्की छत, जहाँ पैनल लग सकें
- आपके अपने नाम पर बिजली कनेक्शन
- पहले कभी रूफटॉप सोलर सब्सिडी न ली हो
- DCR (भारत में बने) पैनल वाला ऑन-ग्रिड सिस्टम
प्रक्रिया — हर क़दम पर हम साथ हैं
- 1
रजिस्ट्रेशन
बिजली बिल की जानकारी के साथ पीएम सूर्य घर पोर्टल पर।
- 2
आवेदन
अपने DISCOM से तकनीकी मंज़ूरी लें।
- 3
इंस्टॉलेशन
रजिस्टर्ड वेंडर द्वारा — यानी हम।
- 4
नेट मीटर
मीटर लगता है और DISCOM सिस्टम की जाँच करता है।
- 5
सब्सिडी
सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
*बिहार की अतिरिक्त सहायता 'पहले आओ, पहले पाओ' आधार पर मिलती है। सब्सिडी राशि, पात्रता और लोन की शर्तें सरकार और बैंक तय करते हैं और बदल सकती हैं; कृपया पीएम सूर्य घर का आधिकारिक पोर्टल देखें।
ज़रूरी काग़ज़ात
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- आपके नाम का ताज़ा बिजली बिल
- बैंक पासबुक या कैंसल चेक
- घर के मालिकाना हक़ का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
सोलर लोन के लिए बैंक आय का प्रमाण भी माँग सकता है।
सवाल
पीएम सूर्य घर योजना: आपके सवालों के जवाब।
पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना क्या है?
यह भारत सरकार की 2024 में शुरू हुई योजना है, जो घरों को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए आर्थिक मदद देती है। इसका लक्ष्य है कि घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली मिले।
बिहार में मुझे कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
केंद्र की सहायता पहले 2 kW के लिए ₹30,000 प्रति kW और तीसरे kW के लिए ₹18,000 है, अधिकतम ₹78,000। बिहार ₹10,000 प्रति kW देता है, अधिकतम ₹20,000। यानी 1 kW पर ₹40,000, 2 kW पर ₹80,000 और 3 kW या उससे ज़्यादा पर ₹98,000 तक।
क्या हाइब्रिड या ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पर सब्सिडी मिलती है?
यह योजना नेट मीटर वाले ग्रिड से जुड़े (ऑन-ग्रिड) रूफटॉप सिस्टम के लिए है, इसलिए ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पर सब्सिडी नहीं मिलती। हाइब्रिड सिस्टम में यह सेटअप पर निर्भर करता है — हमसे पूछें, हम आपके केस के लिए जाँच करेंगे।
DCR पैनल क्यों ज़रूरी हैं?
योजना में DCR (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) पैनल ज़रूरी हैं, जिनके सोलर सेल और मॉड्यूल भारत में बने होते हैं। सब्सिडी वाले हर सिस्टम में हम DCR पैनल ही लगाते हैं।
क्या मुझे पहले पूरी रक़म देनी होगी?
सिस्टम का भुगतान वेंडर को होता है — या तो आप ख़ुद करें, या बैंक के सोलर लोन से, जो लगभग 5.6–6% ब्याज पर करीब 10 साल के लिए मिलता है। सिस्टम लगने, जाँच होने और चालू होने के बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
सब्सिडी आने में कितना समय लगता है?
DISCOM द्वारा सिस्टम की जाँच और पोर्टल पर कमीशनिंग के बाद सब्सिडी जारी होती है। सही समय DISCOM और पोर्टल की प्रक्रिया पर निर्भर करता है; हर क़दम पर हम फ़ॉलो-अप करते हैं।
क्या मैं ख़ुद आवेदन कर सकता हूँ, या आप करेंगे?
आप अपने बिजली कनेक्शन की जानकारी के साथ राष्ट्रीय पीएम सूर्य घर पोर्टल पर रजिस्टर करते हैं, और इंस्टॉलेशन किसी रजिस्टर्ड वेंडर से ही होना चाहिए। रजिस्टर्ड वेंडर होने के नाते, हम रजिस्ट्रेशन, आवेदन, इंस्टॉलेशन, नेट मीटरिंग और जाँच — सबमें आपकी मदद करते हैं।